मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अलजज़ीरा टेलीवीजन से बात करते हुए जो सोमवार को प्रसारित हुआ, ईरान से वार्ता के िलए अमरीकी प्रस्ताव की ओर संकेत करते हुए कहा कि तेहरान, धमकियों की छाया में वाशिंग्टन से वार्ता नहीं करेगा और ईरान से बिना शर्त वार्ता के लिए अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प का प्रस्ताव, केवल प्रोपेगैंडा हैं
श्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि अमरीका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता उसी समय आरंभ होगी जब वाशिंग्टन दूसरे देशों से सम्मान के साथ बात करते और प्रतिबंधों को एक ओर रखे।
विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने इसी प्रकार बल दिया कि ईरान की मीज़ाइल क्षमता, केवल देश की रक्षा के लिए है, कहा कि ईरान अपने रक्षा मीज़ाइल कार्यक्रम के बारे में किसी भी देश से वार्ता नहीं करेगा क्योंकि यह किसी के लिए भी ख़तरा नहीं है।
विदेशमंत्री ने ईरान के विरुद्ध अरब नैटो बनाने की योजना को निराधार और बिना परिणाम के राजनीति क़रार दिया और यमन पर सऊदी अरब के हमलों की ओर संकेत करते हुए कहा कि सऊदी अरब, यमन में अपराधिक नीतियां चल रहा है और पश्चिमी देश अपने हथियारों और चुप्पी से इन अपराधों में भागीदार हैं।
श्री जवाद ज़रीफ़ ने तुर्की केे विरुद्ध अमरीका के नये प्रतिबंधों के बारे में कहा कि तेहरान, अंकारा का भरपूर समर्थन करता है।